Brijeshwar Singh, an IAS Officer of 1975 Batch of Tamil Nadu Cadre, has been given an extension of three months as Chairman of National Highways Authority of India (NHAI).
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For a living being `MCH? i.e. meal, clothes and house is primary requirements. But requirement of road and traffic sense 2 Comments
The Appointment Committee of the Cabinet has approved the re-employment of Singh as Chairman, NHAI on contract basis, for a period of three months (w.e.f.1st September, 2010) or till a regular incumbent takes over, whichever is earlier.
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jp (Sep 13, 2010) ncr, India
Road and Traffic sense is an indicator for quality of governance and general behavior of the people.
For a living being `MCH? i.e. meal, clothes and house is primary requirements. But requirement of road and traffic sense is needed prior to MCH because one has to move to arrange MCH, and with out a path/ road how one can move.
About roads and traffic sense, there are a number of quotations in Hindi and in other languages:
`पूत के पाँव पालने में पहचाने जाते हैं`. यह एक बहुत ही प्रसिद्ध हिन्दी भाषा की कहावत है. पूत के नाक, कान, मुँह, आँख आदि अनेक अंग हैं तब पाँव ही क्यों पहचाने जाते हैं? यह सोचने की बात है.
किसी से जब भी मिलने जाते हैं, प्राय: पहला वाक्य यही होता है, क्या हालचाल हैं?
किसी के बारें में जानकारी करने के लिए प्रथम वाक्य यही होगा, उसका चाल-चलन कैसा है?
आख़िर इस सबका क्या अर्थ है? इन तीनों बातों से यह तो स्पष्ट ही है कि मनुष्य के जीवन में चाल-चलन का बहुत महत्व है. मनुष्य के आचरण की व्याख्या उसके चाल-चलन या यूँ कहिए चाल से हो जाती है. यही नहीं रात के अंधेरे में विचरण कर रहे पशु की चाल की ध्वनि से ही शिकारी बहुत कुछ जान लेता है, कौन पशु जा रहा है. क्यों जा रहा है? किसी दबाव में तो नहीं हैं आदि आदि? प्राचीन ग्रंथों में नारी की चाल के बारें में भी तरह-तरह की बातें दी हुई हैं, हिरनी जैसी चाल, हस्तिनी जैसी चाल, नागिन जैसी चाल आदि-आदि. इनसे नारी के आचरण की व्याख्या की जाती रही है.
चाल और चलन का किसी देश के विषय में जानने के लिए भी महत्वपूर्ण अर्थ है. चाल का अर्थ है आवागमन के साधन, विशेष रूप से मार्ग, और चलन का अर्थ है उस देश के नागरिकों द्वारा उन साधनों के उपयोग करने का ढंग, तहज़ीब और तमीज़. अगर किसी भी देश में आवागमन के साधन अच्छे हैं, और वहाँ का जनमानस उन्हें तहज़ीब, तमीज़ और सलीके से उपयोग करता है तो वहाँ का शासन-प्रशासन प्रभावी होगा, वहाँ का जनमानस जागरूक होगा, और नि:संदेह वह एक अनुशासित और खुशहाल देश होगा.
किसी भी देश, प्रदेश, शहर, ग्राम के बारे में यथार्थ जानने के लिए वहाँ की सड़कों के किनारे कुछ पल बैठकर, वहाँ की सड़कों और उन पर आवागमन करते जनमानस को देखकर सब कुछ जाना जा सकता है.
अच्छी सड़के और उन पर तहज़ीब और तमीज़ से, संयम, शालीनता से चलते जनमानस, एक समृद्ध, सम्पन्न और अनुशासित राष्ट्र का प्रतीक हैं. जिस देश में अच्छी सड़कें हो और जहाँ के नागरिक उनके उपयोग करने की तहजीब व तमीज रखते हो नि:सन्देह वह एक देश खुशहाल व सम्पन्न देश होता है. इस विषय में एक छोटी सी कहानी है:
एक राजा ने अपनी प्रजा की उद्दंडता से तंग होकर इसके समाधान के लिए अपने गुरु जी से मंत्रणा की. गुरु जी ने कहा-
`राजन, आपके राज्य में लुंगाड़पना (Rakish Rule) है. आपके राज्य में उद्दंड, स्वच्छंद जनमानस की बहुतायत हो गयी है. आप अपनी प्रजा को संयम व शालीनता से चलना, उन्हें सड़क का सदुपयोग करना सिखाए. आपकी समस्या का स्वत: ही समाधान हो जाएगा.'
Roads and traffic sense of the users itself speak what is going on in that country?
jp (Sep 13, 2010)
India
Extension to the present chairman
Through the news depicted in news papers there is nothing which may be considered the basis for extension. Then why extension has been accorded to the present chairman? NHAI could not find an appropriate candidate in this country?
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For a living being `MCH? i.e. meal, clothes and house is primary requirements. But requirement of road and traffic sense